हरा गुम्बद जो देखोगे, ज़माना भूल जाओगे
हरा गुम्बद जो देखोगे, ज़माना भूल जाओगे अगर तयबा को जाओगे, तो आना भूल जाओगे न इतराओ ज़्यादा चाँद तारो अपनी रंगत पर मेरे आक़ा को देखोगे चमकना भूल जाओगे हरा गुम्बद जो देखोगे, ज़माना भूल जाओगे अगर तयबा को जाओगे, तो आना भूल जाओगे अगर तुम गौर से मेरे नबी की नात सुन लोगे […]
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