या मुहम्मद नूर-ए-मुजस्सम
या मुहम्मद नूर-ए-मुजस्सम ! या हबीबी ! या मौलाई ! तस्वीर-ए-कमाल-ए-मोहब्बत, तनवीर-ए-जमाल-ए-खुदाई तेरा वस्फ़ बयाँ हो किस से, तेरी कौन करेगा बड़ाई इस गर्द-ए-सफ़र में गुम है जिब्रील-ए-अमीं की रसाई तेरी एक नज़र के तालिब, तेरे एक सुख़न पर कुर्बां ये सब तेरे दीवाने, ये सब तेरे शैदाई ये रंग-ए-बहार-ए-गुलशन, ये गुल और […]
या मुहम्मद नूर-ए-मुजस्सम Read More »
